‘संस्कृति’ एक अत्यंत व्यापक एवं मौलिक अवधारणा है, जिसमें साहित्य तथा कला के विभिन्न रूपों सहित (चित्रकला, मूर्तिकला, नृत्य, संगीत, नाट्यकला एवं स्थापत्य) मानव द्वारा अर्जित ज्ञान, आस्था, नैतिकता एवं अन्य आदतें शामिल होती हैं। इस प्रकार, संस्कृति का संबंध मनुष्य के लौकिक तथा अलौलिक मूल्यों के संवर्धन से है।

पुस्तक की कतिपय उल्लेखनीय विशेषताएं—

  • यह पुस्तक भारतीय संस्कृति के विभिन्न पहलुओं पर वृहद एवं गहन शोध के उपरांत तैयार की गई है।
  • प्रस्तुत पुस्तक भारतीय संस्कृति के विभिन्न आयामों, यथा—धर्म एवं दर्शन, संगीत, नृत्य, नाट्य, एवं स्थापत्य कला सहित, भाषा एवं साहित्य—को उनके सांस्कृतिक तथा लोक परपंराओं के संदर्भ में उद्घाटित एवं विश्लेषित करती है।
  • पुस्तक में भारतीय संस्कृति में शिक्षा परंपरा तथा विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी के विकास के साथ ही, सांस्कृतिक धारा में सिनेमा तथा मीडिया जैसे आधुनिक स्रोतों के बढ़ते महत्व को भी समग्र रूप से विवेचित किया गया है।
  • इस पुस्तक में भारतीय संस्कृति के प्रमुख आयामों के अतिरिक्त ‘परिशिष्ट’ के अंतर्गत सांस्कृतिक महत्व के स्थलों के साथ ही मार्शल आर्ट्स तथा सर्कस जैसी विधाओं को भी यथोचित स्थान प्रदान किया गया है।
  • यह पुस्तक व्यापक भारतीय संस्कृति का ‘गागर में सागर’ के समान संक्षिप्त, तथापि सारगर्भित वर्णन करती है।

यह पुस्तक यूपीएससी सिविल सेवा मुख्य परीक्षा के साथ-साथ प्रारंभिक परीक्षा के सामान्य अध्ययन पेपर-I की तैयारी हेतु उपयोगी सिद्ध होगी। साथ ही, यह अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के अभ्यर्थियों तथा  भारतीय संस्कृति को समझने के इच्छुक पाठकों के लिए भी लाभदायक होगी।

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