स्पेस एक्स ने सबसे शक्तिशाली रॉकेट फॉल्कन हैवी लॉन्च किया

स्पेस एक्स ने सबसे शक्तिशाली रॉकेट  फॉल्कन हैवी  लॉन्च किया

6 फरवरी, 2018 को अमेरिकी कंपनी स्पेस एक्स ने विश्व का सबसे शक्तिशाली रॉकेट ‘‘फॉल्कन हैवी’’ प्रक्षेपित किया। इस रॉकेट को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर स्थित नासा के ऐतिहासिक प्रक्षेपण पैड 39ए से लॉन्च किया गया। स्पेस एक्स कंपनी के संस्थापक एलन मस्क ने विश्व के सर्वाधिक शक्तिशाली व्यवसायिक रॉकेट के साथ एक लाल टेस्ला रोडस्टर भी भेजी है। इस कार में एक स्पेस सूट पहने पुतले को बांध कर रखा गया है। इस कार में तीन कैमरे भी लगाए गए हैं। कैमरों के माध्यम से अंतरिक्ष के सुंदर चित्रों को लिया जा सकता है। मस्क का कहना है कि फॉल्कन हैवी डेल्टा प्ट हैवी की लागत के एक-तिहाई लागत में ही कार्य कर लेता है। ये गुण इसे हैवी लिफ्ट रॉकेट्स की प्रतियोगिता में शीर्ष पर रखता है। जिसे ‘‘स्टारमैन’’ नाम दिया गया है।

उल्लेखनीय है कि इस रॉकेट से पहले सैटर्न-5 को सर्वाधिक शक्तिशाली रॉकेट माना जाता था। अमेरिका का ये कीर्तिमान इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इसका भार 63.8 टन है। बताया जा रहा है कि इस रॉकेट का भार दो स्पेस शटल के भार के बराबर है। यह रॉकेट 230 फुट लंबा है, जिसमें 27 इंजन लगे हैं। अमेरिका में यह पहली बार हुआ है कि किसी रॉकेट को सरकारी सहायता के बिना बनाया गया है।

इस प्रक्षेपण को एक तरह से नए, बड़े रॉकेट की परीक्षा के रूप में लिया जा रहा है जिसमें यह पता करना था कि बड़ी सैटेलाइट्स तथा यंत्रों को चांद, मंगल या अन्य किसी दूर स्थित बिंदु तक ले जाया जा सकता है या नहीं। सभी बूस्टर्स में से दो जिनका पिछले प्रक्षेपणों के बाद नवीनीकरण किया गया थाµकुछ समय पश्चात् ही केप केनवरल में वापस आ गए।

फॉल्कन हैवी विश्व का सर्वाधिक शक्तिशाली रॉकेट है जिसमें तीन फर्स्ट-स्टेज बूस्टर्स लगे हैं जो कि 27 इंजनों के साथ आपस में बंधे हैं इसका आधार 40 फीट (12 मीटर) तथा लंबाई 230 फीट (70 मीटर) है। एलन मस्क ने अपनी लाल टेस्ला रोडस्टर कार इसमें रख दी है, जिसमें तीन कैमरे लगे हैं जो कि चित्रा भेजते रहेंगे। मस्क के अनुसार, यह कार कई बार मंगल ग्रह के पास पहुंचेगी और बहुत कम संभावना है कि यह मंगल ग्रह पर चली जाए।

नासा के पूर्व अंतरिक्ष यात्राी लिरॉय चिआओ का कहना है कि यदि आप कोई सैटेलाइट प्रक्षेपित करना चाहते हैं तो आपको इतने बड़े रॉकेट की आवश्यकता नहीं होगी क्योंकि सैटेलाइट इतने बड़े आकार की नहीं होती। आपको इतने बड़े रॉकेट को तभी उपयोग करने की आवश्यकता हो सकती है जब आपको कुछ बहुत दूरी पर प्रक्षेपित करना हो, जैसे कि मंगल ग्रह।

 

Science and Technology (Hindi)

 

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