चीन में फोटोवोल्टेइक रोड का परीक्षण

चीन में फोटोवोल्टेइक रोड का परीक्षण

चीन ने अपने पहले फोटोवोल्टेइक राजमार्ग का परीक्षण किया। यह फोटो वोल्टेइक राजमार्ग चीन के पूर्वी शैन्डोंग प्रदेश में विकसित तकनीक पर निर्मित की गई है। इस मार्ग पर इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए वायरलेस चार्जिंग सिस्टम लगा हुआ है।

इस मार्ग को सोलर पैनल का प्रयोग करते हुए बनाया गया है जिसके ऊपर कंक्रीट की एक बहुत महीन परत लगाई गई है जिससे सोलर पैनल सुरक्षित रह सकें। ये पैनल इस प्रकार से बनाए गए हैं कि जब इनके ऊपर से वाहन गुजरे, तो विद्युत वाहनों को ऊर्जा स्थानांतरित हो। फोटोवोल्टेइक राजमार्ग एक किलोमीटर क्षेत्रा में 5,875 वर्ग मीटर के सतह क्षेत्रा पर बनाया गया है।

राजमार्ग के एक किलोमीटर खंड क्षेत्रा जिसका सफलतापूर्वक परीक्षण किया गया है, 817.2 किलोवाट बिजली का उत्पादन कर सकता है और प्रत्येक वर्ष 1 मिलियन किलोवॉट घंटे बिजली पैदा करने की संभावना है।

इस राजमार्ग पर जो बिजली उत्पादन किया जाएगा उसे चीन की राष्ट्रीय ऊर्जा ग्रिड से जोड़ दिया जाएगा। सबसे पहला फोटोबोल्टेइक मार्ग बनाने वाला देश फ्रांस था। फ्रांस ने वर्ष 2016 में सोलर पैनल मार्ग बना लिया था।

चीन में तैयार किए गए राजमार्ग की पूरी परियोजना की कुल लंबाई 50 किमी. से ज्यादा है। इस राजमार्ग पर उत्पन्न सोलर एनर्जी से सर्दियों में राजमार्ग पर जमी बर्फ पिघलेगी। इस काम के लिए स्नो मेल्टिंग सिस्टम लगाए गए हैं।

यह राजमार्ग किसी भी अन्य राजमार्ग की तुलना में 10 गुना ज्यादा दबाव सह सकता है। इस राजमार्ग की लागत प्रति वर्ग मीटर 458 डॉलर (30,000 रुपए) है, जो कि एक सामान्य राजमार्ग के निर्माण की लागत से कहीं अधिक है।

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