गूगल ने ‘लर्न विद गूगल ए आई’ नामक मशीन लर्निंग कोर्स आरंभ किया

गूगल ने लर्न विद गूगल ए आईनामक मशीन लर्निंग कोर्स आरंभ किया

गूगल ने ‘लर्न विद् गूगल ए आई’ नामक कार्यक्रम की शुरुआत की है, जिसमें मशीन लर्निंग विशेषज्ञों की सहायता से विकसित पाठ्य संसाधन प्रयोग कर लोगों को आर्टिफिशल इंटेलिजेंस के सिद्धांत, दक्षता को विकसित करने आदि से संबंधित शिक्षा दी जाएगी, जिसका प्रयोग कर लोग वास्तविक दुनिया की मुश्किलों को आसान कर सकें।

यह  मुफ्त पाठ्यक्रम है जो कि सभी यूजर्स को मशीन लर्निंग स्किल्स सिखाता है। यह कोर्स मुफ्त है तथा सभी के लिए उपलब्ध है। गूगल का कहना है कि इस कोर्स के पीछे एक ही लक्ष्य है कि लोग मशीन लर्निंग अवधारणा को प्रयोग करने के लिए प्रोत्साहित हों तथा इस क्षेत्रा में स्वयं को दक्ष करें और जीवन की रोजमर्रा की मुश्किलों का हल निकालने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का प्रयोग करें।

यह क्रैश कोर्स उच्च स्तर के टेन्सर फ्लो/एपीआई का प्रयोग करते हुए व्यवहारिक एम.एल. अवधारणाओं का परिचय कराएगा। टेन्सल फ्लो मशीन लर्निंग टूल के लिए लाइब्रेरी का ओपन सोर्स है तथा इसे कोई भी प्रयोग कर अपनी आवश्यकता के अनुसार एआई तथा एमएल फ्रेमवर्क को बना सकता है।

मशीन लर्निंग कम्प्यूटरों को सीखने, समझने तथा आंकड़ों को पहचानने की अनुमति देता है। मशीन लर्निंग आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस के लिए एक बिल्डिंग ब्लॉक है और यह स्वचालित कारों की क्षमता तथा छवि पहचानने की क्षमता विकसित करने जैसा है।

उत्पाद जैसे कि गूगल फोटो, गूगल ट्रांस्लेट, गूगल अस्सिटेंट आदि सभी किसी-न-किसी काम के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस का सहारा लेते हैं। इस कोर्स के लिए कुछ योग्यता भी निर्धारित की गई हैं जो कि सीखने वालों के पास होनी चाहिए जैसे कि बीजगणित, लघुगणक। बेसिक प्रोग्रामिक पायथन की कोडिंग में कुछ अनुभव होना चाहिए जिससे कि कोर्स को आरंभ करने वाला सहजता से पढ़ सके।

यह कोर्स कंपनी ने अपने कर्मचारियों के लिए विकसित किया था तथा अब तक 18,000 से अधिक कर्मचारियों ने अपना नाम पंजीकृत करा लिया है।  कंपनी का कहना है कि कार्यालय में इस कार्यक्रम की सफलता ने इसे सभी के लिए उपलब्ध कराए जाने को प्रोत्साहित किया।

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